Eurasian Group : वित्तीय अपराधों को कम करने के लिए वैश्विक स्तर पर कानून मजबूत करना होंगे

 इंदौर
 इंदौर में चल रही यूरेशियन ग्रुप की बैठक में आज से प्लेनरी ग्रुप की बैठक होगी। प्लेनरी ग्रुप की बैठक के शुभारंभ सत्र में राज्यपाल मंगु भाई पटेल और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी मौजूद रहे। वर्किंग ग्रुप की बैठक में निकले निष्कर्षों पर प्लेनरी ग्रुप की बैठक में चर्चा होगी।

आय के स्रोत छिपाने में तकनीक के दुरुपयोग पर जताई गई चिंता

यूरेशियन ग्रुप (ईएजी) की बैठक के तीसरे दिन बुधवार को वर्किंग ग्रुप की बैठक में विभिन्न देशों के विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। विशेषज्ञों ने कहा कि वित्तीय नवाचार के इस दौर में वित्तीय जोखिम भी बढ़ा है। आतंकवादी, मादक पदार्थों के तस्कर और अन्य अनैतिक गतिविधियों में शामिल लोग आय के स्त्रोत छुपाने के लिए इनका उपयोग कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें :  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीपावली पर्व के शुभ अवसर पर शासकीय सेवकों को दिया है तोहफा

ऐसे में वित्तीय अपराधों को कम करने के लिए वैश्विक स्तर पर कानून और मजबूत करना होंगे। वित्तीय अपराध पर अंकुश लगाने के लिए तकनीक को हथियार बनाने की आवश्यकता है। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित बैठक में 16 देश और 13 संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

वित्तीय नवाचार के सत्र को संबोधित करते हुए जापान के प्रतिनिधि सोशी काजी कावा ने कहा कि नई तकनीकों का उपयोग आय के स्त्रोत छिपाने के लिए किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद विश्व के लिए खतरा है। आंतकवादी फंडिंग के लिए क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग कर रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए सदस्य देशों को मिलकर वैश्विक नेटवर्क और माडल विकसित करना होगा।

ये भी पढ़ें :  आज गीता जयंती पर बनेगा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

केंद्र सरकार के अतिरिक्त सचिव विवेक अग्रवाल ने कहा कि वित्तीय अपराधों को रोकने के लिए वैश्विक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। विशेषज्ञों ने उनके देशों में इसके लिए किए जा रहे नवाचारों की जानकारी ईएजी और फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट(एफआईयू) की संयुक्त बैठक रखी। इस पर सदस्य देशों को मिलकर वैश्विक नेटवर्क और माडल विकसित करने पर गंभीरता से योजना तैयार करने पर चर्चा की गई।

नवाचार के दौर में वित्तीय अपराध पर अंकुश लगाने के लिए तकनीक को बनाना होगा हथियार

ईएजी के चेयरमेन तथा एफआइयू रशिया के डायरेक्टर यूरी चिखानचिन ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यूरेशियन समूह आभासी परिसंपत्तियों के मुद्दे पर विशेष ध्यान दे रहा है। निरंतर वित्तीय नवाचार धोखाधड़ी, धन शोधन, आतंकवाद के वित्तपोषण और बाजार में हेरफेर की नई संभावनाएं पैदा कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें :  मणिपुर में जातीय संघर्ष की दूसरी बरसी से पहले एहतियात के तौर पर पूरे राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी

सरकारों को ऐसे अपरोधों से मुकाबला करने के लिए नए उपकरणों की आवश्यकता है। इसकी रोकथाम महत्वपूर्ण है, क्योंकि आतंकवाद का खतरा बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद समाजों की सुरक्षा के लिए प्रमुख चुनौती बना हुआ है। आधुनिक वित्तीय धोखाधड़ी भी ज्यादातर ऑनलाइन प्लेटफार्म पर आधारित है, जो उभरती हुई तकनीक की पारगमन शृंखलाओं को तोड़कर गलत तरीके से अर्जित लाभ की वास्तविक प्रकृति को छिपाने में सझम बनाती है।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment